Library-Rules & Regulation
पुस्तकालय नियम और विनियम
महाविद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध है जहां पाठ्यपुस्तकें, सन्दर्भ पुस्तकें, शब्दकोष और साहित्यिक पुस्तकें उपलब्ध हैं। आवष्यकतानुसार निम्न नियमावली के आधार पर पुस्तकें जारी करवाई जा सकती है।
1. पुस्तकालय में प्रवेश और पंजीकरण
1. पंजीकरण- पुस्तकालय में पुस्तकों की आवाजाही के लिए सभी छात्रों, शिक्षकगण और कर्मचारियों को पंजीकरण कराना आवश्यक है। पंजीकरण के बाद ही पुस्तकें जारी की जाती हैं।
2. पंजीकरण शुल्क- पंजीकरण शुल्क 1150/- है जो जमानत के रूप में जमा है।
3. पंजीकरण प्रक्रिया- पंजीकरण के समय एक फोटो, पहचान पत्र और पंजीकरण शुल्क भुगतान रसीद की आवश्यकता होती है।
4. पंजीकरण खाता संख्या- पंजीकरण होने के बाद आवेदक को एक पंजीकरण खाता संख्या आवंटित की जाती है जिसका उपयोग पुस्तकालय से पुस्तकें उधार लेने के लिए किया जाता है।
2. पुस्तक उधार लेने के नियम
1. वांछित पुस्तक पुस्तकालय में उपलब्ध होने पर ही उधार दी जा सकेगी।
2. प्रत्येक विद्यार्थी को एक समय में अधिकतम 3 किताबें 30 दिनों के लिए उधार दी जा सकती हैं। विद्यार्थियों के पास यह विकल्प है कि वे अपने खाते में निर्धारित समय पर पुस्तक जमा करवा कर पुनः जारी करवा सकते हैं अथवा नयी पुस्तक ले सकते हैं पुस्तकों की संख्या एक समय में 3 से अधिक नहीं हो सकती।
3. शिक्षक/कर्मचारी को अधिकतम 5 किताबें 45 दिनों के लिए उधार दी जा सकती हैं।
4. पुस्तकें पुस्तकालय के निर्धारित समय में ही उधार ली जा सकती हैं।
5. पुस्तक जारी करवाते समय आवेदक को पुस्तकालय की ‘पुस्तक जारी पंजिका’ में हस्ताक्षर करने अनिवार्य हैं।
3. पुस्तक लौटाने के नियम
1. पुस्तकें निर्धारित समय के भीतर वापिस करना अनिवार्य है। यदि किताबें निर्धारित समय पर वापिस नहीं की जाती, तो प्रतिदिन के हिसाब से प्रति पुस्तक 80 पैसे जुर्माना लिया जाएगा जो जमानत राषि में से काटा जाएगा।
2. यदि जुर्माना राषि जमानत राषि से अधिक है तो अधिशेष राषि का भुगतान करना होगा।
3. पुस्तकें वापिस करने के बाद पुस्तकालय प्रभारी द्वारा आवेदक के खाते में पुस्तक प्राप्ति की प्रविष्टि की जाएगी।
4. पुस्तकों की देखभाल और सुरक्षा
1. विद्यार्थियों से अपेक्षा की जाती है कि वे पुस्तकों की अच्छी तरह से देखभाल करेंगे। पुस्तक में से पृष्ठ/चित्र फाड़ना, कवर को गंदा करना, अपना नाम लिखना वर्जित है। ऐसा पाए जाने पर पुस्तकालय प्रभारी पुस्तक वापिस लेने से मना कर सकता है।
2. पुस्तकें पूरी तरह से सुरक्षित और सही स्थिति में लौटानी चाहिए। यदि किसी पुस्तक में क्षति होती है या वह खो जाती है, तो सदस्य को पुस्तक की कीमत की डेढ गुना राषि चुकानी होगी।
5. पुस्तकालय के सामान्य नियम
1. पुस्तकालय का कार्य समय सोमवार से शुक्रवार तक 10ः00 बजे से 1ः00 बजे दोपहर तक होता है।
2. पुस्तकालय के किसी भी हिस्से में शोर, गड़बड़ी या अनियंत्रित व्यवहार निषिद्ध है।
3. उधार ली गई किताबों को पुस्तकालय के नियमों के अनुसार ही पढ़ें और वापिस करें।
4. पुस्तकालय सामग्री का विचलन और चोरी कानून द्वारा दंडनीय अपराध हैं। अपराधियों के खिलाफ लाइब्रेरी द्वारा उचित कार्रवाई की जाएगी।
5. पुस्तकालय की पुस्तकों और दस्तावेजों के प्रति सम्मान के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए, दस्तावेजों में रेखांकित करना, नोट्स लिखना या पृष्ठ फाड़ना निषिद्ध है।
6. पुस्तकालय को सभी बकाया राशि का तुरंत भुगतान किया जाना चाहिए।
7. नहीं लौटी किसी भी पुस्तक को खो जाने के रूप में माना जाएगा और सदस्य को खोई हुई पुस्तक के लिए मुआवजा देने के लिए कहा जाएगा। जुर्माना की गणना पुस्तक जारी किये जाने की तिथि से की जाएगी।
8. महाविद्यालय परिसर और पुस्तकालय में धुम्रपान र्विर्जत है। पुस्तकालय में भोजन करना भी निषेध है।
यह ’’इक्कीस कॉलेज, गोपल्याण’’ के पुस्तकालय के नियम और विनियम हैं, जो सभी छात्रों, कर्मचारियों, और शिक्षकगण के लिए अनिवार्य हैं। इन नियमों का पालन करने से पुस्तकालय का संचालन सुचारु और प्रभावी रूप से किया जा सकेगा। नियमों में बिना किसी पूर्व सूचना के किसी भी समय परिवर्तन करने के सर्वाधिकार प्रबंध समिति, इक्कीस कॉलेज के पास सुरक्षित हैं।
आज्ञा से
प्राचार्य
इक्कीस कॉलेज
